आज प्रियंका गांधी सहित तमाम कांग्रेसी नेताओं द्वारा लखीमपुर खीरी कांड पर जो हायतौबा मचाई जा रही है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के इस्तीफे की मांग को लेकर जिस प्रकार से श्रीमती प्रियंका वाड्रा मौनव्रत धारण किये बैठी हैं। और तमाम कांग्रेसी नेता आशीष मिश्रा को दोषी साबित करने पर तुले हैं, उनकी सच्चाई क्या है उसे समझने के लिये थोड़ा फ्लैश बैक में जाना पड़ेगा। ताकि आपको मालूम हो कि कुछ लोगों की मानसिकता कितनी घिनौनी और निम्नस्तर की हो सकती है। गृह मंत्रालय के पूर्व अंडर सेक्रेटरी आर.वी.एस. मनी ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा था कि- *"इशरत जहां केस में इशरत को आतंकवादी ना साबित करने के लिए कांग्रेसी नेता कमलनाथ ने उनपर दबाव बनाया था, कमलनाथ ने उनसे बार-बार कहा कि इशरत जहाँ को निर्दोष बता दो, बाहर लोग राहुल गाँधी का मूत्र पीने को तैयार हैं और तुम इतना भी नहीं कर सकते."* जिसका जवाब मणि ने वही दिया, जो किसी भी स्वाभिमानी भारतीय को देना चाहिए था। आर.वी.एस.मणि ने कहा, कि *‘आपलोग मूत्र का स्वाद जानते हैं, आप इसे पी सकते हैं, लेकिन मैं सच्चाई के लिए खड़ा रहूंगा’।* गृ...
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