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अखिलेश जी इन्हें पार्टी के गुणगान के साथ-साथ राष्ट्रगान भी सिखाईये

एक वीडियो सोशल मीडिया पर ख़ूब वायरल हो रहा है। दरअसल वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद तालियां बजाते हुए राष्ट्रीय गान जन–गण–मन की शुरुआत करते हैं। बीच में ही वह राष्ट्रगान भूल जाते हैं और एक दूसरे का चेहरा देखने लगते हैं। हालांकि हम इस वीडियो की कोई पुष्टि नहीं करते परन्तु इतना अवश्य कहेंगे कि जो लोग इस वीडियो को देखकर समाजवादी पार्टी को ट्रोल कर रहे हैं, उन्हें यह जानना और समझना चाहिए कि जिस पार्टी के नेताओं ने सदैव मुगल आक्रांताओं के शौर्यगीत गाये हों, मुगल आक्रमणकारियों के स्मारक बनाये हों, उनसे सही राष्ट्रगान गाने की अपेक्षा करना भी व्यर्थ है। सच पूछिये तो जिन लोगों का यह वीडियो है उन्होंने शायद जिंदगी में पहली बार झंडा फहराया है और राष्ट्रगान भी पहली बार ही गाया है। 
दरअसल सपा कार्यकता केवल "मुलायम परिवार" और "मुगल आक्रांताओं" के ही "गुनगान" करते रहे हैं इसलिये इससे अधिक उन्हें कुछ और याद रखना भी नहीं चाहिए। यह कुछ ऐसा ही है जैसे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को "शाही परिवार" और "चरखे से मिली आजादी" का गुनगान करना सिखाया जाता है। 
आजकल चुनावी मौसम चल रहा है और प्रदेश और देश में डबल इंजन की "राष्ट्रवादी सरकार" है। तब ऐसे में झंडा फहराने का स्वांग रचना कुछ लोगों की मजबूरी बन गया था। अन्यथा अधिकांश लोग तो 15 अगस्त और 26 जनवरी को केवल "सरकारी छुट्टी दिवस" के रूप में मनाते हैं। सच पूछिए तो जो लोग "राष्ट्र" और "राष्ट्रवाद" को नहीं मानते, उसके प्रति निष्ठावान नहीं हैं, उन लोगों को "राष्ट्रगान" कैसे याद रह सकता है। यहां यह भी समझ लेने वाली बात है कि जो लोग संवैधानिक और लोकतांत्रिक रूप से चुने गए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ का सम्मान नहीं कर सकते, वह राष्ट्रगान का मान भला क्योंकर रख सकते हैं।

मजे की बात यह है कि यदि ऐसे लोगों को कुछ समझाने का प्रयास किया जाए तो यह कुतर्कों पर उतर आते हैं और अगर उससे भी काम नहीं चलता तो गाली-गलौच और मारपीट पर भी उतारू हो जाते हैं।

हमारे प्रिय श्री अखिलेश यादव एक युवानेता हैं और उनके अंदर राष्ट्रवाद की भावना कूट-कूट कर भरी है, ऐसा हमारा मानना है। हमें आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि यदि सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो में थोड़ी सी भी सच्चाई है तो श्रीमान अखिलेश यादव उन तमाम नकारा और राष्ट्र के प्रति उदासीन भाव रखने वाले कार्यकर्ताओ को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाएंगे।
अन्यथा प्रदेश की जनता पार्टी को प्रदेश से बाहर का रास्ता दिखाने को तैयार बैठी है।

🖋️ *मनोज चतुर्वेदी "शास्त्री"*
समाचार सम्पादक- उगता भारत हिंदी समाचार-
(नोएडा से प्रकाशित एक राष्ट्रवादी समाचार-पत्र)

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