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एक ही लक्ष्य, एक ही मिशन अखण्ड भारत हो अपना

हम दिखाएंगे....

वादा है की हम भी दिखाएंगे
वो दिन जिसका तुम्हे ख़ौफ़ चढ़ा है।

जो वेदों में लिखा गढ़ा  है
जब आतंकवाद का "पाक" भी
रुई की तरह उड़ जाएगा।।

मातृभूमि के नाम के आगे
अखंड भारत जुड़ जाएगा।
जब भगवाधारियो के कदमो से
धरती धड़ धड़ धड़केगी
जेहादियो के सर के उपर
जब बिजली कड़ कड़ कड़केगी।

जब स्वर्गलोक सी भारत माँ से
सब विधर्मी सँहारे जाएंगे
अफज़ल कसाब बुरहान जैसे
घर घर से मारे जाएंगे।

जब हर आतंकी के दिमाग से
गज़वा-ए-हिन्द हटाये जाएंगे।
वसुधैव कुटुम्बकम् के अनुनायी
सिहांसन पर बैठाये जाएंगे।

सब ताज़ उछाले जाएंगे
सब खलीफा गिराये जाएंगे।

बस नाम रहेगा महाकाल का
जो शून्य भी है इकाई भी
जो संरक्षक भी है विनाशक भी
गूंजेगा शिवोह्म का उद्धघोष
जो तुझमे भी है  मुझमे भी
और राज करेगा सिर्फ राष्ट्र भक्त
जो तुझमे भी है मुझमे भी ।।

एक ही लक्ष्य , एक ही मिशन 
अखण्ड भारत हो अपना 
जय भारतीय केसरिया वाहनी।।

*कवि-मनोज श्रीवास्तव (राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय केसरिया वाहिनी)*
विशेष-इस कविता में लिखी प्रत्येक पंक्ति कवि की स्वयं की कल्पना मात्र है। "शास्त्री सन्देश" का इससे सहमत होना न होना आवश्यक नहीं। 

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