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शरजील इमाम जैसे देशद्रोहियो को फाँसी देने का कानून बनाये मोदी सरकार-यति नरसिंहानंद सरस्वती

गुप्त नवरात्रि में सनातन धर्म और सनातन धर्म के मानने वालों की रक्षा व सनातन धर्म के शत्रुओं के समूल विनाश के लिये माँ बगलामुखी का महायज्ञ कर रहे शिवशक्ति धाम डासना के सन्यासियों ने असम को भारतवर्ष से काटने की योजना बनाने वाले शरजील इमाम और उसके जैसे गद्दारो के लिये फाँसी की सजा की मांग की।शिवशक्ति धाम के पीठाधीश्वर व अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी ने भूमा निकेतन की यज्ञशाला से बयान जारी करके यह माँग की है।
उन्होंने कहा की इस्लाम के जिहादी भारत के गद्दारो से मिलकर इस देश के टुकड़े टुकड़े करना चाहते हैं।ये सब कुछ जे एन यू,ए एम यू, जामिया और शाहीन बाग में लग रहे नारो से देश की जनता के सामने स्पष्ट हो चुका है।शरलीन इमाम की स्वीकारोक्ति ने इस षड्यंत्र को साबित भी कर दिया।अब केंद्र सरकार को ऐसे देशद्रोहियो को फाँसी पर लटका देना चाहिये।यदि इसके लिये जरूरत पड़े तो केंद्र सरकार संविधान संशोधन के द्वारा नए और कड़े कानून बनाये।
इस माँग का श्री ब्राह्मण महासभा ने भी समर्थन किया है।श्री ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पण्डित अधीर कौशिक जी ने कहा की देश के टुकड़े टुकड़े करने के जो नारे हम वर्षो से सुन रहे हैं, उनका सच अब हमारे सामने आ गया है।ऐसे लोग देश के लिये बहुत बड़ा खतरा हैं।अगर इन्हें उचित दण्ड नही दिया जाता तो हर गद्दार इसी तरह से देश के टुकड़े करने में लग जायेगा और देशभक्त नागरिको का मनोबल टूट जाएगा।
हिन्दू स्वाभिमान के राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष बाबा परमेन्द्र आर्य जी,यति सत्यदेवानंद सरस्वती जी,यति रामस्वरूपानंद सरस्वती जी,यति सेवानंद सरस्वती जी,पण्डित सनोज शास्त्री,पण्डित हरिकृष्ण शर्मा,बृजमोहन सिंह,डॉ राजा गौतम,विजयपाल त्यागी,मुकेश त्यागी,बॉबी त्यागी तथा अन्य उपस्थित भक्तगणों ने भी इस मांग का समर्थन किया।

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